क्या 2 महीने के बच्चे को कोविड हो सकता है?HealthPlanet

Posted on Mon 17th Oct 2022 : 16:10

कोरोनावायरस के क्या लक्षण हैं?
कोरोनावायरस के लक्षण सर्दी-जुकाम या फ्लू जैसे ही होते हैं। इन लक्षणों में शामिल हैं:

थकान
सिरदर्द
बुखार
खांसी
सांस लेने में दिक्कत या सांस की कमी
गंध या स्वाद की अनुभूती न होना या चीजों की गंध या स्वाद में बदलाव लगना
मांसपेशियों में दर्द
भ्रम की स्थिति (ऐसा हमेशा नहीं होता)
छाती में दर्द
उल्टी और दस्त (डायरिया)

बच्चों और किशोरों में त्वचा पर चकत्ते भी हो सकते हैं और उन्हें वयस्कों की तुलना में यह लक्षण होने की संभावना ज्यादा होती है।

हालांकि, यह माना जा रहा है कि कारोनावायरस की वजह से बच्चों का गंभीर रूप से बीमार होने का खतरा कम है, लेकिन यह ध्यान रखना भी जरुरी है कि बच्चों से यह इनफेक्शन अन्य लोगों तक पहुंच सकता है। वे यह वायरस ऐसे लोगों तक पहुंचा सकते हैं जिन्हें इसका ज्यादा जोखिम हो जैसे किसी बुजुर्ग रिश्तेदार को या ऐसे दोस्त को जिसे कोई स्वास्थ्य जटिलता हो।

यदि आपके शिशु को 100.4 डिग्री फेहरनहाइट या इससे ज्यादा बुखार हो और उसकी उम्र तीन माह से कम हो या फिर तीन माह से बड़े शिशु को 102.2 डिग्री फेहरनहाइट या इससे ज्यादा बुखार हो तो हमेशा डॉक्टर से संपर्क करें।
क्या मेरे शिशु को कोरोनावायरस होने का खतरा है?
कोविड-19 एक बहुत ही संक्रामक ​बीमारी है, इसलिए यदि आपके क्षेत्र में यह संक्रमण फैला हो तो बेहतर है कि आप खुद को और अपने परिवार को इससे बचाने के लिए पूरे एहतियात बरतें।

आपके क्षेत्र में कोविड-19 के मामलों और फैलाव को देखते हुए घर से बाहर निकलने और समूह में इकट्ठा होने के लिए सरकारी दिशानिर्देश समय-समय पर बदल सकते हैं। इसलिए आप खबरों पर नजर रखें और कोविड-19 के लिए सरकार की ऐप - आरोग्य सेतु - से अपने आसपास कोरोनावायरस के मामलों और भी नवीनतम निर्देशों के बारे में जानकारी प्राप्त करें।। देश में कोविड-19 के बारे में नवीनतम सूचना सरकारी वेबसाइट पर मिल सकती है।
छोटे बच्चों में कोविड-19 कितना गंभीर होता है?
अधिकांश शिशु और बच्चे बिना किसी जटिलता के स्वस्थ हो जाते हैं या फिर उन्हें संक्रमित होने के बाद भी कोई लक्षण सामने नहीं आते। मगर बच्चों में इससे जुड़ी एक गंभीर मगर दुर्लभ स्वास्थ्य समस्या के बारे में काफी रिपोर्ट सामने आ रही हैं।

इस स्थिति को मल्टीसिस्टम इनफ्लेमेटरी सिंड्रोम इन चिल्ड्रन (एमआईएस-सी) कहा जाता है। यह आमतौर पर तब सामने आती है, जब आपका बच्चा कोरोनावायरस संक्रमण से ठीक हो चुका हो। यह बहुत दुर्लभ है, मगर आपको इसके लक्षणों के बारे में पता होना चाहिए, क्योंकि जल्दी चिकित्सकीय उपचार मिलना जरुरी है।

इस सिंड्रोम में आंतरिक अंगों में सूजन आ जाती है। इसके लक्षणों में शामिल हैं:

लगातार बुखार
चकत्ते
नेत्रशोथ (कंजंक्टिवाइटिस-लाल या गुलाबी आंखें)
हाथों और पैरों में दर्द या सूजन
रक्तचाप कम होना (सुस्ती या उठने में मुश्किल)
सांस में कमी
दस्त (डायरिया)

यदि आपके शिशु को कोविड-19 इनफेक्शन के बाद इनमें से कोई लक्षण दिखाई दें, तो नजदीकी अस्पताल में डॉक्टर को दिखाएंं।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info